Chapter 5 - फ्रॉड ऐप्स का फेस वेरिफिकेशन कैसे होता है?

फ्रॉड ऐप्स का फेस वेरिफिकेशन कैसे होता है? फ्रॉड लोन ऐप्स फेस वेरिफिकेशन के जरिए आपकी व्यक्तिगत पहचान को चुराकर उसका गलत इस्तेमाल करती हैं। ये ऐप्स वैध वेरिफिकेशन प्रक्रिया का बहाना बनाकर आपकी संवेदनशील जानकारी को खतरे में डालती हैं। आइए समझते हैं कि ऐसे ऐप्स का फेस वेरिफिकेशन कैसे काम करता है और यह आपके लिए कैसे जोखिम भरा हो सकता है।

फ्रॉड ऐप्स का फेस वेरिफिकेशन कैसे होता है?

फ्रॉड लोन ऐप्स फेस वेरिफिकेशन के जरिए आपकी व्यक्तिगत पहचान को चुराकर उसका गलत इस्तेमाल करती हैं। ये ऐप्स वैध वेरिफिकेशन प्रक्रिया का बहाना बनाकर आपकी संवेदनशील जानकारी को खतरे में डालती हैं। आइए समझते हैं कि ऐसे ऐप्स का फेस वेरिफिकेशन कैसे काम करता है और यह आपके लिए कैसे जोखिम भरा हो सकता है।


1. कैमरा एक्सेस की मांग

  • जब आप इन ऐप्स को इंस्टॉल करते हैं, तो ये आपके डिवाइस का कैमरा एक्सेस मांगती हैं।
  • यह दावा किया जाता है कि कैमरा का उपयोग आपके फेस वेरिफिकेशन के लिए किया जाएगा।
  • एक बार अनुमति देने के बाद, ऐप आपके चेहरे की तस्वीर या वीडियो रिकॉर्ड कर सकती है।

2. लाइव फोटो या वीडियो की मांग

  • ये ऐप्स फेस वेरिफिकेशन के लिए आपसे लाइव फोटो खींचने या वीडियो रिकॉर्डिंग करने को कहती हैं।
  • वे यह दिखाने की कोशिश करते हैं कि वे आपकी पहचान सत्यापित कर रहे हैं, लेकिन वास्तव में ये डेटा चुरा सकते हैं।

3. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दुरुपयोग

  • कई फ्रॉड ऐप्स AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का उपयोग करके आपके चेहरे के डेटा को प्रोसेस करती हैं।
  • यह डेटा फर्जी अकाउंट बनाने, धोखाधड़ी करने, या अन्य अवैध कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

4. फोटो पहचान प्रक्रिया का झांसा

  • ऐप्स आपसे कहती हैं कि आपके पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड, आदि) की फोटो और आपकी सेल्फी अपलोड करें।
  • ये फोटो मिलान प्रक्रिया के नाम पर आपकी पहचान से जुड़े डेटा को चुरा सकती हैं।

5. फेस आईडी के लिए झूठा वादा

  • ये ऐप्स दावा करती हैं कि आपका चेहरा फेस आईडी के रूप में स्टोर किया जाएगा, लेकिन इसका इस्तेमाल आपके नाम पर फर्जी ट्रांजैक्शन करने के लिए हो सकता है।
  • कई बार यह डेटा अन्य साइबर अपराधियों को बेच दिया जाता है।

6. वीडियो कॉल वेरिफिकेशन का फर्जीवाड़ा

  • कुछ ऐप्स फेस वेरिफिकेशन के लिए वीडियो कॉल वेरिफिकेशन का विकल्प देती हैं।
  • कॉल के दौरान वे आपकी स्क्रीन रिकॉर्ड कर सकती हैं और आपके चेहरे की जानकारी का गलत इस्तेमाल कर सकती हैं।

7. डीपफेक टेक्नोलॉजी का उपयोग

  • फ्रॉड ऐप्स आपके चेहरे की तस्वीरों का इस्तेमाल करके डीपफेक वीडियो बना सकती हैं।
  • इन डीपफेक वीडियोज का इस्तेमाल आपकी पहचान चुराने या किसी गैरकानूनी गतिविधि के लिए किया जा सकता है।

8. फेस वेरिफिकेशन को लिंक करना

  • ऐप्स आपसे आधार कार्ड या पैन कार्ड को फेस वेरिफिकेशन से लिंक करने को कह सकती हैं।
  • यह डेटा बाद में फर्जी लोन एप्लिकेशन या क्रेडिट कार्ड के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

9. फोटो मॉर्फिंग और छेड़छाड़

  • ये ऐप्स आपके फेस डेटा का उपयोग करके मॉर्फ्ड इमेज या डॉक्यूमेंट बना सकती हैं।
  • इस छेड़छाड़ का इस्तेमाल पहचान की चोरी या फर्जी दस्तावेज़ तैयार करने के लिए किया जा सकता है।

10. आपकी अनुमति के बिना डेटा शेयर करना

  • फ्रॉड ऐप्स आपका फेस डेटा थर्ड-पार्टी कंपनियों या साइबर अपराधियों को बेच सकती हैं।
  • इससे आपकी प्राइवेसी पर गंभीर खतरा हो सकता है।

फ्रॉड फेस वेरिफिकेशन से बचने के तरीके

  1. किसी भी ऐप को फेस वेरिफिकेशन की अनुमति देने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच करें।
  2. केवल सरकारी या वैध संस्थानों द्वारा मान्यता प्राप्त ऐप्स का ही उपयोग करें।
  3. किसी भी ऐप को कैमरा एक्सेस देने से पहले सोचें।
  4. अपनी फेस पहचान से जुड़ी जानकारी को सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर साझा न करें।
  5. अगर आपको किसी ऐप पर संदेह हो, तो तुरंत अनइंस्टॉल करें और संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट करें।

निष्कर्ष

फ्रॉड ऐप्स का फेस वेरिफिकेशन आपकी पहचान चुराने और आपको वित्तीय व व्यक्तिगत नुकसान पहुंचाने का एक खतरनाक तरीका हो सकता है। ऐसे ऐप्स से सतर्क रहें और अपनी पहचान को सुरक्षित रखें। हमेशा ध्यान रखें कि आपकी सुरक्षा आपके हाथों में है।